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अब नहीं ले सकेंगे पीएम मोदी और सलमान खान के साथ सेल्फी, बंद हो रहा है मैडम तुसाद म्यूजियम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मदर टेरेसा, सचिन तेंडुलकर या फिर सलमान खान जैसी हस्तियों के साथ सेल्फी लेना का मौका अब आपको नहीं मिलेगा। क्याेंकि इन सभी हस्तियों के वैक्स स्टैच्यू को एक हॉल में समेटे मैडम तुसाद म्यूजियम बंद होने जा रहा है। दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित यह म्यूजियम लोगों के आकर्षण का केंद्र था लेकिन कोरोना संकट के चलते इसे बंद करने का फैसला लिया गया है।

मार्च से लोगों का आना हुआ कम 
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक  ब्रिटेन की कंपनी मर्लिन एंटरटेनमेंट ने भारत में मैडम तुसाद म्यूजियम के ऑपरेशन को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी के जनरल मैनेजर और डायरेक्टर अंशुल जैन ने कहा कि मार्च 2020 से ही लोगों का यहां आना कम हो गया था। लॉकडाउन खुलने के बाद भी लोगों की संख्या में खास इफाजा नहीं हुआ ऐेसे में इसे बंद करना ही सही है।

पुतलों के रखरखाव पर हो रहा काफी खर्च 
कंपनी का कहना है कि पुतलों के रखरखाव पर भारी भरकम खर्च आ रहा है। मोम के पुतले होने के कारण पूरे संग्रहालय को एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है। साथ ही पुतलों के बाल, त्वचा व कपड़ों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा था, जो बीच-बीच में खराब हो जाते थे। इनके रखरखाव में बड़ी टीम लगी हुई थी। ऐसे में हर माह लाखों रुपये का खर्च आ रहा है। फिलहाल मौसम की मौजूदा स्थिति के चलते यूके स्थित कंपनी भारत में म्यूजियम को लेकर विकल्प की तलाश कर रही है।

कई हस्‍त‍ियों के पुतले थे शामिल 
मैडम तुसाद म्यूजियम में 4 हिस्से थे। पहला बॉलीवुड और हॉलीवुड सितारों संग पार्टी जोन, दूसरा म्यूजिक जोन, तीसरा हिस्ट्री और लीडर जोन और चौथा खेल जोन। इस सभी जोन में इस क्षेत्र से जुड़ी हस्‍त‍ियों को शामिल किया गया था। यहां खेल, संगीत, इतिहास और फि‍ल्मी जगत की करीब 50 बड़ी हस्तियों के पुतलों को रखा गया था। इनमें   मेरी कॉम, रोनाल्डो क्रिस्टियानो, लेडी गागा, माइकल जैक्सन , अमिताभ बच्चन और कटरीना कैफ सरीखे सेलिब्रिटी प्रमुख थे। यहां रखी गई प्रतिमाओं में 60% हस्तियां भारतीय थी।

 लोगों के आकर्षण का केंद्र था म्यूजियम
यहां आने वाले लोगों को सेलिब्रिटी के साथ सेल्फी का मौका तो मिलता ही था साथ ही उनके मनोरंजन के लिए और भी प्रयोजन किए गए थे। यादगार सेल्फी के साथ-साथ आप अपने खुद के हाथों का मोम से बना इंप्रिंट बनवा सकते है, जिसे सालों साल रखा जा सकता है। मैडम तुसाद की स्थापना 1835 में मोम शिल्पकार मेरी तुसाद ने की थी। मोम के बने इन पुतलों कि खासियत ये है कि ये दिखने में असली और जीवंत लगते हैं।

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