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प्रधानमंत्री के रूप में देश के 60 फीसद लोगों की पहली पसंद हैं मोदी, आसपास कोई नहीं

नई दिल्ली देश के 59.22 फीसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पद के लिए अपनी पहली पसंद मानते हैं। जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को महज 25.62 फीसद लोग ही प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य मानते हैं। आइएएनएस सी-वोटर के स्टेट ऑफ दे नेशन 2021 सर्वे में सामने आया है कि उड़ीसा और हिमाचल प्रदेश के 80 फीसद से अधिक लोग पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पसंद करते हैं। जबकि राहुल गांधी को उड़ीसा में 7.36 और हिमाचल प्रदेश में 10.20 फीसद लोग ही पीएम देखना चाहते हैं।

मोदी है लोगों की पहली पसंद

राज्य                   मोदी समर्थन     राहुल समर्थन

उड़ीसा                87.01             7.36

हिमाचल प्रदेश      81.03           10.20

उत्तर-पूर्वी राज्य     75.68           10.96

कर्नाटक               64.74           15.36

छत्तीसगढ़             66.87            17.5

मध्य प्रदेश            66.81             21.03

राजस्थान              68.37            22.93

गुजरात                64.41            19.87

उत्तराखंड            66.4               22.44

महाराष्ट्र              66.23              23.84

झारखंड             66.75               24.54

बिहार                63.48               21.92

बंगाल                62.19               28.38

दिल्ली               61.75                22.98

उत्तर प्रदेश        56.21                29.48

(आंकड़े: फीसद में )

मोदी के आगे राहुल कमजोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तुलना करने पर राहुल गांधी कहीं नहीं ठहरते हैं। केरल और तमिलनाडु को छोड़कर कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ऐसा नहीं है कि जहां के लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने। 15 राज्यों में राहुल गांधी की स्वीकार्यता 25 फीसद से भी कम है। जबकि चार राज्यांे में यह 20 फीसद से भी कम है।

यहां हुआ सर्वे

देशभर से करीब 30 हजार प्रतिक्रियाएं ली गई और सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया।

केंद्र के कामकाज से देश खुश

कोविड-19 महामारी के दौरान देश में 41.66 फीसद लोग केंद्र सरकार के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। सर्वाधिक 75.02 फीसद लोग उड़ीसा में पूरी तरह संतुष्ट हैं, जबकि 16.4 फीसद कुछ मामलों में संतुष्ट हैं और सिर्फ 8.3 फीसद लोग असंतुष्ट हैं। इस तरह से कुल संतुष्टि का स्तर 83.12 फीसद है। वहीं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 60 फीसद से ज्यादा लोग संतुष्ट हैं। उत्तर प्रदेश में 40.23 फीसद लोग सरकार के काम से संतुष्ट हैं, जबकि जम्मू कश्मीर में 43.64 फीसद लोगों ने केंद्र के कामकाज को लेकर संतुष्टि जाहिर की है।

यहां इतने लोग हैं सतुष्ट

राज्य                  पूर्ण संतुष्ट, कुछ मामलों में संतुष्ट, असंतुष्ट, कुल संतुष्टि स्तर (फीसद में)

उड़ीसा                75.02     16.4                        8.3        83.12

उत्तर-पूर्वी राज्य    45.16      38.93                    15.16      68.93

तेलंगाना              62.37     19.71                     14.8        67.28

हिमाचल प्रदेश    48.15       34.91                    16.34       66.72

आंध्र प्रदेश         64.26        16.09                    15.55      64.8

ये मुख्यमंत्री बेहतर

सर्वे में सामने आया है कि गैर-एनडीए और गैर-कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बेहतर काम कर रहे हैं। इनमें से ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कामकाज से लोग खुश हैं। उन्हें 78 फीसद लोगों ने स्वीकारा है, वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 77 फीसद के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस फेहरिस्त में सबसे खराब प्रदर्शन पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को सिर्फ 9 फीसद की रेटिंग मिली है।

ये हैं बेहतर काम करने वाले टॉप-5 मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री                     राज्य             संतुष्ट     कुछ संतुष्ट   असंतुष्ट   कुल संतुष्टि स्तर

नवीन पटनायक               ओडिशा      68.57   20.54         10.3    78.81

अरविंद केजरीवाल            दिल्ली        57.03    31.65         11.17  77.51

वाइएस जगनमोहन रेड्डी     आंध्र प्रदेश  66.31    16.52          16       66.83

पिनरायन विजयन              केरल        48.51     34.57          16.83  66.25

उद्धव ठाकरे                    महाराष्ट्र      45.76     31.51          19.6    57.67

मोदी जैसा कोई नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा और लोकप्रियता ही भाजपा को संभाल रहा है। सर्वे में सामने आया कि पार्टी मुख्यमंत्रियों और सांसदों के स्तर पर सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। मोदी लोकप्रियता के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे हैं। कोविड-19 संकट में मोदी की मजबूत निर्णय लेने वाले नेता की छवि और बेहतर हुई है। पीएम मोदी 16 मई 2014 की तरह ही आज भी लोकप्रिय हैं, जब उन्होंने लोकसभा चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की थी। हालांकि भाजपा के सामने राज्यों में त्रिस्तरीय सत्ता विरोधी लहर है।

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