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खसखस में मुर्गी को खिलाने वाले दाने की मिलावट, सड़े हुए दानों पर मिट्टी जैसे पाउडर की परत

इंदौर। शहर के पालदा क्षेत्र के उद्योग नगर में खाद्य और औषधि प्रशासन एफडीए ने शनिवार को पूनम ट्रेडिंग कंपनी पर छापामार कार्रवाई की। कंपनी के परिसर में सड़ी हुई खसखस (पोस्त दाना) की पैकिंग की जा रही थी, जिसमें मिट्टी जैसे पाउडर की परत चढ़ी हुई थी। खसखस में मुर्गी को खिलाने वाले दानों की मिलावट पाई गई। कंपनी संचालक अंकुश गुप्ता के पास खाद्य सामग्री की रिपैकिंग का लाइसेंस नहीं था। यहां बिना लाइसेंस के मानव उपयोग की खाद्य सामग्री की रिपैकिंग, भंडारण और बिक्री की जा रही थी।
एफडीए की टीम जब कंपनी के परिसर पहुंची तो वहां अंकुश का भाई राहुल गुप्ता मिला। फर्म के लाइसेंस पर सियागंज का पता लिखा था। कंपनी का मालिक अंकुश पिता ओमप्रकाश नरीमन पॉइंट महालक्ष्मी नगर का निवासी है। जांच में सामने आया कि कंपनी में बाहर से पैक खसखस और अन्य ड्रायफ्रूट आते हैं, लेकिन बाद में इनकी रिपैकिंग की जाती है। गुप्ता के पास लाइसेंस तो केवल रिटेलर होलसेलर का ही है, लेकिन वह रिपैकिंग करता है जो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का उल्लंघन है।
कार्रवाई के लिए पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवशेष अग्रवाल, सुभाष खेड़कर आदि ने यहां से 15 लाख 29 हजार स्र्पये का माल जब्त किया। इसमें 1200 किलो मखाना, 1246 किलो खसखस, 900 किलो खजूर, 108 किलो किशमिश शामिल है। साथ ही जांच में 7 नमूने लिए हैं। कंपनी संचालक के खिलाफ आजाद नगर थाने पर धोखाधड़ी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम की विभिन्न् धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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