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सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय को जल्‍द मिलेगी नई एमआरआइ मशीन

हल्द्वानी: चिकित्सा शिक्षा सचिव अमित नेगी ने डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में कोविडकाल में की गई व्यवस्थाओं की तारीफ की और कहा कि अस्पताल में जल्द ही नई एमआरआइ मशीन लगेगी। साथ ही उन्होंने डाक्टरों की नियुक्तियों की बात दोहराई। बेस अस्पताल में कमियों पर नाराजगी जताई और इसे जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

कुमाऊं में दो दिवसीय दौरे पर आए चिकित्सा शिक्षा सचिव अमित नेगी सोमवार शाम को पहले बेस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी से लेकर वार्डों का निरीक्षण किया। उन्हें टॉयलेट खराब मिला। सैनिटाइजर मशीनें भी ठीक नहीं थी। सीटी स्कैन वाले कमरे की दीवार में सीलन थी। नए भवन में ड्रेनेज की समस्या नजर आई। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रभारी पीएमएस डा. धीरेंद्र बनकोटी को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। महिला अस्पताल में उन्हें व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। इसके बाद वह मोतीनगर पहुंचे। जहां 200 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है। उन्होंने भूमि का निरीक्षण किया। वहां से एसटीएच पहुंचे।

उन्होंने इमरजेंसी, सीटी स्कैन कक्ष, आइसीयू, मॉडॅयूलर ओटी, सिक नियोनेटल केयर यूनि, मेडिसिन आइसीयू, सी वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, डायलिसिस सेंटर के अलावा 36 बेड का निर्माणाधीन ट्रामा आइसीयू भी देखा। इसके बाद पत्रकारों से रूबरू नेगी ने कहा कि कोविडकाल में अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया गया है। आइसीयू, वेंटीलेटर समेत तमाम नई सुविधाएं बढ़ाई हैं। नई एमआरआइ की मशीन लगने से कुमाऊं भर के मरीजों को जांच में राहत मिलेगी।

जल्द होंगी नियुक्तियां

अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में आधे डाक्टर भी न होने के सवाल पर अमित नेगी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान टीम का उत्साह बढ़ाया है। नए काम शुरू करने में चुनौतियां बहुत आती हैं। वहां पर स्टाफ की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि छह महीने में नियुक्तियां कर दें।

जांच जल्द पूरी करने के देंगे निर्देश 

कोविड दौर में ट्रामा आइसीयू में खराबी आई थी। जांच कमेटी गठित हुई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस सवाल पर चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा कि जांच प्रक्रिया जल्द पूरा करवाने कहा जाएगा। साथ ही नया ट्रामा आइसीयू को अस्पताल को हैंडओवर करने के लिए प्राचार्य से बात की जाएगी।

चुनौतियां अभी बहुत, सरकार का प्रयास जारी

चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सचिव से कई सवाल पूछे गए तो उनका जवाब था, चुनौतियां अभी बहुत हैं। हमेशा चुनौतियां रहती हैं। स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी रहती है, लेकिन नई नियुक्तियों को लेकर हमारा प्रयास लगातार जारी है।

ये अधिकारी रहे मौजूद 

प्राचार्य प्रो. सीपी भैंसोड़ा, स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट, सीएमओ डा. भागीरथी जोशी, चिकित्सा अधीक्षक डा. अरुण जोशी, डा. केसी पांडे, डा. एसआर सक्सेना, डा. भुवन, डा. वीके सत्यवली, डा. उमेश, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, आलोक उप्रेती, पंकज बोरा, रवि पाल आदि शामिल रहे।

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