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प्रदेश में मॉनसून सत्र की तैयारी, कोरोना से बचाव के लिए होंगे व्यापक प्रबंध

भोपाल: मध्य प्रदेश में मंत्रियों को विभाग बांटने के बाद अब सरकार विधानसभा सत्र की तैयारी में है। प्रदेश में विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है। आगामी 20 जुलाई से शुरू हुआ सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सत्र में अध्यक्ष का चुनाव और बजट संबंधी सभी कार्यों को पूरा किया जाएगा।

5 दिनों का मॉनसून सत्र

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सत्र में पहले दिन दिंवगत सदस्यों को श्रद्धांजली दी जाएगी और फिर अगले दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। जानकारी ये भी है कि शिवराज सरकार 21 जुलाई को ही वित्तीय बजट पेश करने की तैयारी में है। जिसके लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर वित्तीय बजट की मंजूरी भी ले ली है।

कोरोना से बचाव के लिए होंगे व्यापक सुरक्षा प्रबंध

विधानसभा सत्र के दौरान कोरोना से बचाव के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किये जायेंगे। संभागायुक्त  कवीन्द्र कियावत ने विधानसभा में कोरोना से बचाव और सैनिटाईजेशन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विधानसभा मुख्य भवन और परिसर के सैनिटाईजेशन, चिकित्सीय सुविधाएं, प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्क्रीनिंग आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। संभागायुक्त ने बताया कि विधानसभा के मुख्य भवन के अंदर सीपीए और बाहर के परिसर का सैनिटाईजेशन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विधायक विश्राम गृह परिसरों का भी नगर निगम सैनिटाईजेशन करेंगा। मुख्य भवन के अंदर प्रवेश द्वार, शौचालय, कॉरीडोर में पैडल डिस्पेंशर सैनिटाईजेशन मशीन रखी जाएगी।

सत्र के दौरान विधानसभा भवन में सभी मॉस्क लगाये रखें यह भी सुनिश्चित किया जायेगा। वहीं अतिरिक्त संख्या में मॉस्क और सैनिटाइजर रखे भी जायेंगे जिससे आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा सदस्यों को उपलब्ध कराया जा सके। जिला-प्रशासन अद्यतन कंटेनमेंट एरिया की सूची को विधानसभा में उपलब्ध करायेगा, जिसे सूचना पटल पर चस्पा किया जाएगा। साथ ही कंटेनमेंट एरिया से आने वाले अधिकारी-कर्मचारी की सेवाएं नहीं ली जाएगी।

सोशल डिस्टेंसिग का रखा जाएगा ध्यान

सूत्रों की मानो तो मध्यप्रदेश विधानसभा में एक बार फिर से साल 2000 के पहले की अविभाजित मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जैसी सिटिंग व्यवस्था हो सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद जिन 90 सीटों को हटाया गया था, उन सीटों को एक बार फिर से लगाया जा सकता है। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए इस तरह के उपाय किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विधानसभा में प्रत्येक सीटों के बगल में एक अतिरिक्त सीट (कुर्सी) भी रखी जाएगी, ताकि असहज महसूस करने वाले विधायक उस पर बैठ सकें।

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