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संतान ना होने के कारण बहू को किया बेघर

मुरैना: इक्कसवीं सदी के इस पढ़े लिखे समाज मे आज भी बेटियों, बहुओं पर अत्याचार दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहे है। कभी दहेज के नाम पर तो कभी चरित्रहीनता के नाम पर तो कभी बच्चा ना होने के चलते। युवती को कभी जला दिया जाता है तो कभी मार दिया जाता है तो कभी घर से बाहर निकाल दिया जाता है, जिसका जीता जागता उदाहरण मुरैना में देखने को मिला है। जहां एक बहू को उसके पति की गैर मौजूदगी में सिर्फ इसलिए मारपीट कर मरने की हालत में आधी रात को घर से निकाल दिया गया क्योंकि उसके संतान नही हुई।

जानकारी के अनुसार पीड़िता राखी धाकरे को रात्रि 9 बजे उसके सास और ससुर ने उसे भद्दी भद्दी गालियां देते हुए कहा कि ‘तुझे बच्चे तो हो नही रहे है और ना तेरे घर वालों ने हमे दहेज में कुछ दिया,  निकल हमारे घर से हम अपने बेटे की दूसरी शादी कर लेंगे’ और लात घूसों व डंडों से मारपीट की। जब उनका इतने से भी जी ना भरा तो उसका सर मकान के गेट में दे दिया जिससे उसका सिर फट गया और उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी चोटे  आई है।  मारपीट करने के बाद सास ससुर ने पीड़िता को रात में ही घर से बाहर निकाल दिया। वहीं मोहल्ले वालों ने पीड़िता के मायके वालों को सूचना दी, तब परिजन राजस्थान से आए और इस पूरे मामले की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस को की। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की। पीड़िता राखी धाकरे का कहना है कि मैं रात भर घर से बाहर सड़क पर बैठी रही लेकिन ससुराल वालों ने दरवाजा नही खोला वहीं  मेरे पति भी एक महीने से लापता है।

आपको बता दें कि पीड़िता की शादी 5 साल पहले रजामंदी से हुई थी और पीड़िता के पिता ने सामर्थ अनुसार दहेज भी दिया। लेकिन दहेज लोभियों ने दहेज के लालच में और संतान ना होने के चलते  एक बेटी को घर से बेघर कर दिया। सवाल ये है कि आखिर कब पुलिस इस पूरे मामले पर कार्यवाई करेगी और कब एक बेटी, या यूं कहें कि एक बहू को न्याय मिलेगा।

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