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श्रीलंका में चुनाव प्रचार के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी, डेढ़ करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे वोट

कोलंबो। श्रीलंका में पांच अगस्त को होने वाले संसदीय चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए सरकार ने सख्त स्वास्थ्य दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह गाइडलाइन चुनाव आयोग द्वारा दिए गए उस बयान के एक दिन बाद जारी की गई है, जिसमें उसने कहा था कि नेता दिशानिर्देशों को धता बता रहे हैं, इसलिए चुनावों का संचालन करना बहुत मुश्किल है। बता दें कि एक करोड़ 60 लाख मतदाता 225 सीटों के लिए प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

शुक्रवार रात एक विशेष अधिसूचना द्वारा जारी दो पृष्ठों की इस गाइडलाइन में कहा गया है कि रैलियों में 300 से अधिक लोग नहीं होने चाहिए। हालांकि जिन रैलियों में बड़े नेता शामिल हो रहे हैं, उनमें यह संख्या 500 तक हो सकती है। दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजकों को रैली की तारीख से 24 घंटे पहले स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बारे में सूचित करना होगा। साथ ही रैली स्थल पर हाथों को सेनिटाइज करने, एक मीटर की दूरी बनाए रखने और फेस मास्क पहनना आवश्यक होगा।

बता दें कि श्रीलंका चुनाव आयोग के प्रमुख महिंद्रा देशप्रिया ने स्वास्थ्य दिशानिर्देशों को कानूनी जामा पहनाने की गुजारिश की थी। उन्होंने कहा था कि जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक चुनाव का संचालन कर पाना बहुत मुश्किल होगा।

चुनावों आयोजित के लिए दिशानिर्देशों की घोषणा 2 जून को की गई थी लेकिन उन्हें गजट अधिसूचना के माध्यम से वैध नहीं किया गया था। हालांकि, विपक्ष के सूत्रों ने सत्तारूढ़ पार्टी पर मामलों में स्पाइक के बावजूद अधिक आराम से अभियान चलाने के लिए दिशानिर्देशों को पानी देने का आरोप लगाया। चुनावों के लिए प्रचार, जो 2 अगस्त तक जारी रहेगा, महामारी के कारण कम महत्वपूर्ण रहा है और पिछले सप्ताह उत्तर मध्य क्षेत्र से 500 से अधिक मामलों के अचानक बढ़ जाने के कारण वायरस के फैलने की आशंका बढ़ गई है। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार,श्रीलंका में 11 मौतों के साथ अब तक कुल 2,697 मामले आ चुके हैं।

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