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अटल के दोस्त, मायावती के राखी भाई लालजी टंडन का निधन,PM मोदी बोले-लोकप्रिय नेता खोया

 मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का मंगलवार सुबह लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। लालजी टंडन के निधन पर प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि पार्टी ने अपना लोकप्रिय नेता और प्रखर वक्ता खो दिया। पीएम मोदी ने लिखा कि मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि लालजी टंडन को समाज की सेवा के उनके अथक प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक प्रभावी प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई, हमेशा लोक कल्याण को महत्व दिया।

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पीएम मोदी ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा कि लालजी टंडन संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। लालजी हमारे प्रिय अटल जी के साथ लंबे समय तक रहे, वे उनके काफी करीबी थे। बता दें कि लालजी टंडन के निधन की पुष्टि उनके बेटे और यूपी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन ने की।

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अटल के दोस्त और मायावती के राखी भाई थे लालजी टंडन
लालजी टंडन पूर्व पीएम दिवगंत अटल बिहारी वाजपेयी के काफी करीबी और अच्छे दोस्त माने जाते थे। लालजी टंडन खुद कहा करते थे कि राजनीति में अटल की उनके साथी, भाई और पिता तीनों की भूमिका रही है। अटल के साथ उनका करीब 5 दशकों का साथ रहा। अटल जी के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को लखनऊ में लालजी टंडन ने ही संभाला था। बसपा सुप्रीमो मायावती उन्हें अपना भाई मानती थीं और उन्हें राखी बांधती रही हैं।

छोटी उम्र में ही संघ से जुड़े
12 अप्रैल 1935 में जन्म लालजी टंडन बचप से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने स्नातक तक पढ़ाई की। लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। उन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ जेपी आंदोलन में बढ़-चढकर हिस्सा लिया था। इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। वे दो बार पार्षद चुने गए और दो बार विधान परिषद के सदस्य रहे। 1978 से 1984 तक और 1990 से 1996 तक लालजी टंडन दो बार उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य रहे और 1991-92 की उत्तर प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार में मंत्री बने।

साल 2009 में लोकसभा चुनाव में लालजी टंडन ने लखनऊ लोकसभा सीट से आसानी से जीत हासिल की और संसद पहुंचे। लालजी टंडन को साल 2018 में बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई और फिर कुछ दिनों के बाद मध्यप्रेदश का राज्यपाल बनाया गया था। उनकी तबीयत खराब होने के बाद हाल ही में उत्तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्‍य प्रदेश का अतिरिक्‍त कार्यभार सौंपा गया था।

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