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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भूजल के संरक्षण में आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 16 से 22 जुलाई तक चले भूजल सप्ताह के समापन अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि यहां पानी की कमी नहीं है, लेकिन प्रकृति के इस अनमोल उपहार को हमें संरक्षित करके भी रखना होगा। पिछले तीन-चार दशकों से अत्यधिक मात्रा में भूजल दोहन के कारण प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक विषमता देखने को मिली है। यही कारण है कि भूजल में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर तो रीचार्ज की तुलना में सौ प्रतिशत से अधिक भूजल दोहन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि धरती सूखती जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि भूजल के संरक्षण और उचित उपयोग हेतु आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यह भी आवश्यक है कि जनसामान्य को भूजल के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए और इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में भूजल सप्ताह का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में भूगर्भीय जल भी है और सर्फेस वॉटर की भी कमी नहीं है, लेकिन यदि प्रकृति प्रदत्त इस अमूल्य उपहार का हम उपयोग कर रहे हैं, तो इसके संरक्षण की भी चिंता हमें करनी होगी। हम सब जानते हैं कि भूजल एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है। जब हम दुनिया के परिप्रेक्ष्य में भूजल की बात करते हैं तो उत्तर प्रदेश इस दृष्टि से अत्यंत समृद्धिशाली है और सौभाग्यशाली भी है। पिछले तीन-चार दशक के दौरान अत्यधिक मात्रा में भूजल दोहन के कारण प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में व्यापक विषमता देखने को मिली है। प्रदेश के लगभग 823 विकासखंडों में से 287 विकासखंडों में भूजल में 20 सेमी तक की गिरावट प्रतिवर्ष देखने को मिली है। साथ ही, 77 विकास खंड ऐसे हैं जिनमें आधा से एक मीटर तक भूजल में गिरावट प्रतिवर्ष देखने को मिली है।

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