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रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए खोदाई करते वक्त फटी गैस पाइपलाइन, लोगों को हुई सांस लेने में तकलीफ

गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड रेल कॉरिडोर का पिलर बनाने के लिए खोदाई करते वक्त शनिवार शाम को मेरठ रोड स्थित राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर आइजीएल की गैस पाइपलाइन फट गई। इससे धमाके के साथ तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। वहां काम कर रहे मजदूर भाग गए। गैस के रिसाव के कारण करीब 500 मीटर दायरे में बदबू के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया।

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) 82.15 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड रेल कॉरिडोर बना रहा है। दिल्ली-मेरठ रोड के बीचोंबीच राजनगर एक्सटेंशन चौराहे के पास रैपिड रेल कॉरिडोर का 311 नंबर का पिलर बनना है। शाम करीब 6.45 बजे पिलर बनाने के लिए कांट्रेक्टर की पाइलिंग मशीन से खोदाई की जा रही थी। मशीन के ऑपरेटर को मालूम था कि पास में आइजीएल की पीएनजी की पाइपलाइन है। उसकी लापरवाही से मशीन का पाइलिंग करने वाला हिस्सा नीचे दबी गैस पाइपलाइन से जा टकराया। तेज धमाके के साथ गैस का रिसाव होने लगा। काफी दूर गैस से आबोहवा धुंधली हो गई। इससे डर कर पास में काम कर रहे मजदूर भाग गए। थोड़ी दूरी पर खड़े ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने सजगता दिखाते हुए राजनगर एक्सटेंशन की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को रोक दिया।

एनसीआरटी के अधिकारियों को इस बारे में मालूम हुआ तो उन्होंने आइजीएल को जानकारी दी। कुछ ही देर में आइजीएल की तीन इमरजेंसी रिस्पांस वेन मौके पर पहुंची। गैस की पाइपलाइन को पीछे वाल्व से बंद किया गया। ऐसा करके एक घंटे में गैस के रिसाव को रोका गया। रात करीब 9 बजे तक पाइपलाइन को दुरुस्त किया जा सका।

सवा दो घंटे यातायात प्रभावित रहा

गैस की पाइपलाइन फटने पर राजनगर एक्सटेंशन की तरफ से मेरठ रोड के रास्ते एएलटी फ्लाईओवर पर जाने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्ट किया गया। करीब सवा दो घंटे तक इस तरफ का यातायात प्रभावित रहा, जबकि मेरठ जाने और वहां से आने वाले वाहनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

खाना बनाने के वक्त गैस आपूर्ति रही प्रभावित

पाइपलाइन के फटने पर गैस की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। मेरठ रोड के आसपास के इलाकों में गैस की आपूर्ति प्रभावित रही। लोगों ने बताया कि खाना बनाने के लिए गैस आपूर्ति प्रभावित होने से सिलेंडर निकाल कर खाना बनान पड़ा। जिन लोगों के पास सिलेंडर नहीं थे, उनके घरों में खाना देरी से बना।

लगा भूकंप आ गया, थर्रा गई सोसायटी

जहां गैस पाइपलाइन फटी, उससे 150 मीटर की दूरी पर 21 माइलस्टोन रेजिडेंसी है। उसमें जीडीए के मुख्य वास्तुविद एवं नगर नियोजक आशीष शिवपुरी रहते हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही पाइपलाइन फटी तेज धमाका हुआ। 20 से 25 मिनट तक बि¨ल्डग में कंपन होता रहा। ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।

एनसीआरटीसी के पीआरओ सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि रैपिड रेल कॉरिडोर का पिलर बनाने के लिए कांट्रेक्टर द्वारा पाइलिंग करते वक्त आइजीएल की गैस पाइपलाइन फटी। समय रहते आइजीएल को सूचना दे दी गई है। जिससे पीछे से वाल्व बंद कर समय से गैस रिसाव को रोक दिया गया था। रात नौ बजे तक सब सामान्य कर दिया गया था।

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