Cover

कोरोना को लेकर एनजीओ करेंगे जनता को जागरुक, अकेला सरकारी तंत्र काफी नहीं

भोपाल। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जनता को जागरक करना होगा और इसमें सरकार की मदद स्वयं सेवी संगठन (एनजीओ) और सामाजिक संस्थाएं करेंगी। रविवार को कोविड-19 अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिलों के अधिकारियों से कोरोना के प्रति जागरूकता एवं बचाव के लिए संगठनों की मदद लेने को कहा। उन्होंने कहा कि अकेला सरकारी तंत्र काफी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरकता अभियान से समाज के सभी वर्गों को जोड़े। होम क्वारंटाइन किए गए व्यक्ति की पूरी जानकारी लें। चौहान ने अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी मंत्रियों को भी सौंपी है। मंत्रियों को जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्र के अधिकारियों को जानकारी देने को कहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कोविड केयर सेंटर, मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों की क्षमता और उनमें उपचार की व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से बात की। कोरोना से जीतने के लिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं।

संपर्क में आए सभी जांच कराएं

मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों उनके संपर्क में आए सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों एवं अन्य की चिंता करते हुए कहा कि सभी अपनी जांच करा लें। उनकी वजह से किसी को परेशानी न हो। जांच कराकर सभी सुरक्षा उपाय अपनाएं, ताकि हम निश्चिंत हो जाएं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि उनके संपर्क में आए सभी लोगों को होम क्वारंटाइन एवं आइसोलेशन की समझाइश दी गई है।

परीक्षा में फेल विद्यार्थी निराश न हों

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में फेल विद्यार्थी निराश न हों। उनके लिए रुक जाना नहीं, योजना लागू की गई है। इसके तहत अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दसवीं के विद्यार्थी 28 जुलाई और बारहवीं के विद्यार्थी पांच अगस्त तक ऑनलाइन शुल्क जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। ऐसे विद्यार्थी, जिन्होंने 2018 में योजना के तहत दसवीं की परीक्षा दी थी और बारहवीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं, वे अगस्त के अंतिम सााह में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। प्रश्न-पत्र पाठ्यक्रम के अनुसार ही होंगे और विद्यार्थी को सिर्फ अनुत्तीर्ण विषय की परीक्षा देनी होगी।

दिसंबर में दे सकते हैं शेष विषयों की परीक्षा 

योजना में यह भी प्रावधान है कि अगस्त की परीक्षा में विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाते हैं तो शेष विषयों की परीक्षा दिसंबर में दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें फिर से ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। जुलाई में होने वाली पहले चरण की परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी को 11वीं में नियमित प्रवेश की पात्रता होगी। दूसरे चरण में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले को यह मौका नहीं मिलेगा पर वे वर्ष 2022 के जून में होने वाली 12वीं की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.