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दिल्ली सरकार और एलजी के बीच बढ़ी रार, केजरीवाल के दो फैसले खारिज

नई दिल्ली।दिल्ली में अनलॉक-तीन (Delhi Unlock- 3) को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल (Delhi LG Anil Baijal) के बीच मतभेद उभर सामने आए हैं। एलजी अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के अनलॉक-3 को लेकर किए गए दो अहम फैसले को खारिज कर दिया है। केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में होटल खोलने और ट्रायल बेसिस पर एक हफ्ते के लिए साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति दी थी। इन दोनों को ही उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया है।

दिल्ली सरकार के दो अहम फैसले खारिज होने के बाद से एलजी और केजरीवाल मंत्रिमंडल के बीच एक बार फिर से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। इससे पहले दिल्ली दंगे से जुड़े मामलों की कोर्ट में पैरवी के लिए  वकीलों के पैनल को लेकर दिल्ली कैबिनेट के एक फैसले को एलजी ने खारिज कर दिया था।

केजरीवाल सरकार ने बृहस्पतिवार को दी थी होटलों को कामकाज की अनुमति

इससे पहले दिल्ली सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बृहस्पतिवार को कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। इसमें से होटलों में कामकाज शुरू करने और साप्ताहिक बाजार को भी ट्रायल के लिए एक सप्ताह खोलने की इजाजत दी गई थी। सरकार ने कहा था कि समीक्षा के आगे इन्हें खोलने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार के अनलॉक-3 के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद दिल्ली के लिए दिशा-निर्देश तय किए थे। इसमें रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक जारी रात्रिकालीन कर्फ्यू को समाप्त कर दिया गया है। दिल्ली के होटल अब अस्पतालों से जुड़े हुए नहीं हैं, इसलिए दिल्ली सरकार ने होटलों में सामान्य कामकाज शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया था। केंद्र सरकार ने भी अनलॉक-3 के दिशा-निर्देश में हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) सेवाओं की अनुमति दी है। दरअसल, होटल स्वामी लगातार दिल्ली सरकार से कामकाज शुरू करने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे।

उपराज्यपाल ने खारिज किया दिल्ली सरकार का फैसला

इससे पहले बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के एक अन्य फैसले को खारिज कर दिया था। ये फैसला उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे से संबंधित मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में वकीलों का पैनल नियुक्त करने को लेकर था। इसके साथ ही एलजी ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग को आदेश दिया कि दिल्ली पुलिस के पैनल को मंजूरी दें। दिल्ली सरकार को यह फैसला लागू करना होगा।

दिल्ली सरकार का कहना है कि उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की पैरवी के लिए वकीलों का पैनल नियुक्त करने को लेकर मंगलवार को दिल्ली कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस के वकीलों के पैनल को खारिज कर दिया था। दिल्ली कैबिनेट का मानना था कि दंगे के संबंध में दिल्ली पुलिस की जांच को कोर्ट ने निष्पक्ष नहीं माना है। ऐसे में पुलिस के पैनल को मंजूरी देने से केस की निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। एलजी ने संविधान के अनुच्छेद 239 (एए)(4) के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल कर दिल्ली कैबिनेट के फैसले को खारिज कर दिया।

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