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इंदौर में फिर बजी खतरे की घंटी, जिम्मेदार कौन?

इंदौर: अनलॉक हुए शहर में सैम्पलिंग और टेस्टिंग बढ़ने के साथ पॉजिटिव केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को संक्रमण का ग्रोथ रेट बढ़कर 8 फीसदी से ज्यादा हो गया। संक्रमित मामलों का इस तरह बढ़ना शहर के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। शुक्रवार 7 अगस्त को 2524 सैम्पल जांच हेतु भेजे गए थे। 2261 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट सीएमएचओ कार्यालय को प्राप्त हुई जिनमें से 2049 सैम्पल निगेटिव पाए गए।184 नए मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई। शुक्रवार को ही 2 मौतें भी हुई।

184 में संक्रमण की पुष्टि हुई
28 सैम्पल रिपीट पॉजिटिव निकले। अब तक की बात करें तो 151795 सैम्पलों की जांच की गई है। 8343 सैम्पल पॉजिटिव पाए गए। याने 5 फीसदी से ज्यादा औसत संक्रमण दर रही है। 2 और मरीजों की संक्रमण से गई जान। शुक्रवार को कोरोना संक्रमण से पीड़ित दो और मरीजों की जान चली गई। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 330 मरीज कोरोना संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। इंदौर में मृत्यु दर की गणना की जाए तो करीब 4 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।

80 मरीजों को कोरोना से मिला छुटकारा
शुक्रवार को 80 मरीज कोरोना से मुक्त होने के बाद सकुशल घर लौटे। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 5851 मरीज कोरोना को मात देने में सफल रहे हैं। इसका औसत देखा जाए तो 70 फीसदी से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। 2162 मरीजों का अभी भी कोविड अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अब कोरोना का संक्रमण शहर में बढ़ने की जवाबदारी कौन लेगा। क्योंकि अगर अभी भी कदम नहीं उठाए गए तो कोरोना का संक्रमण और तेजी से पैर पसार सकता है । क्या वे जनप्रतिनिधि यह जवाबदारी लेंगे जिन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाकर शहर के सभी बाजार एक साथ खोलने पर मजबूर किया।

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