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नन रेप केसः जालंधर के बिशप मुलक्कल के विरुद्ध केरल की अदालत में आरोप तय

नई दिल्ली : केरल में एक नन सेबलात्कार के मामले में एक अदालत ने पंजाब के जालंधर में रोमन कैथोलिक चर्च के पूर्व प्रमुख बिशप फ्रैं को मुलक्कल के विरुद्ध आरोप तय किए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अदालत में मौजूद मुलक्कल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के तहत तय किए गए आरोपों को पढ़ कर सुनाया। इस दौरान आरोपी ने अपने विरुद्ध आरोपों से इंकार किया।

मामले में पीड़िता से पूछताछ 16 सितम्बर को की जाएगी। आरोपी को गत सप्ताह की शर्तों पर अदालत ने जमानत दी थी और मामले की सुनवाई वाली तारीख को उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट व केरल हाईकोर्ट ने मुलक्कल की याचिका खारिज करते हुए मुकद्दमे का सामना करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका में बिशप निर्दोष होने का दावा कर रहा था और आरोप मुक्त करने की मांग भी की थी। मुलक्कल का दावा है कि उसे फंसाया गया है। बता दें कि जून 2018 में 43 साल की जालंधर डायोसिस की नन ने कोट्टायम में पुलिस से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने बिशप पर 2014 और 2016 के बीच गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने, कई बार दुष्कर्म करने, अप्राकृ तिक यौन संबंध बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद कोट्टायम पुलिस ने मुलक्कल पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पीड़िता पंजाब स्थित मिशनरी ऑफ जीसस मण्डली की सदस्य है। इसके बाद केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) ने कई दौर की पूछताछ के बाद सितम्बर 2018 में फ्रैंको को कोच्चि से गिरफ्तार किया था। 40 दिनों के बाद उसको जमानत दी गई थी।

मुलक्कल के खिलाफ बयान देने वाले फादर का जालंधर में मिला था शव
मुलक्कल के खिलाफ बयान देने वाले फादर कु रियाकोस कट्टूथारा का 62 साल की उम्र में जालंधर के सेंट पॉलच्स चर्च में शव मिला था।

पीड़िता वेटिकन तक लगा चुकी हैं गुहार 
पीड़ित नन ने न्याय के लिए वेटिकन के तत्काल हस्तक्षेप और जालंधर डायोसिस के प्रमुख के पद से उनको(मुलक्कल) हटाए जाने की मांग की थी। नन ने आरोप लगाया था कि बिशप मुलक्कल अपने खिलाफ चल रहे मामले को दबाने के लिए राजनीतिक ताकत और पैसों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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