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MS Dhoni ने 15 अगस्त को ही क्यों कहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा, जानिए कारण

नई दिल्ली। MS Dhoni Retirement News: भारतीय क्रिकेट फैंस को 15 अगस्त यानी देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बड़ा झटका उस समय लगा, जब टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धौनी ने आइपीएल से तो नहीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से एकाएक संन्यास का फैसला कर सभी को हैरत में डाल दिया। धौनी अब कुछ ही साल के मेहमान बतौर खिलाड़ी क्रिकेट में दिखाई देने वाले हैं, क्योंकि उनको अब ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

दरअसल, एमएस धौनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आजाद हो गए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट से आजादी के मायने ये हैं कि अब कभी भी भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। 15 अगस्त यानी कि देश के स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है। क्या आप जानते हैं कि एमएस धौनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए 15 अगस्त को ही क्यों चुना है। अगर नहीं जानते हैं तो जान जाएंगे।

दरअसल, एक साल से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने वाले एमएस धोनी को लेकर काफी समय से चर्चाएं थीं कि वे संन्यास लेने वाले हैं, क्योंकि वे क्रिकेट की दुनिया में एक्टिव नहीं थे। टी20 वर्ल्ड कप में एक बार फिर से देश का प्रतिनिधित्व करने की उनकी इच्छा थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे आइसीसी ने स्थगित कर दिया। ऐसे में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बनाने का फैसला कर लिया।

15 अगस्त ही क्यों?

15 अगस्त को देश आजादी की 74वीं वर्षगांठ मना रहा था कि शाम को 7 बजकर 29 मिनट पर धौनी ने ये ऐलान कर दिया कि इस समय के बाद उनको अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर समझा जाए। अब बात करते हैं कि धौनी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही क्यों संन्यास लिया तो आपको बता दें कि धौनी का प्रेम भारतीय सेना के प्रति किसी से छिपा नहीं है। धौनी को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि मिली हुई है।

लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस धौनी ने भी अपना फर्ज अदा करते हुए देश की सेवा में पैराट्रूपर के तौर पर पिछले साल एक महीने तक जम्मू-कश्मीर में समय बिताया था। इसके अलावा जब उनको देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से साल 2018 में नवाजा गया तो वे राष्ट्रपति भवन में सैन्य वर्दी में पहुंचे थे। ऐसा पहली बार नहीं था, जब उन्होंने देश की सेना के प्रति अपना सम्मान दिखाया था। इससे पहले और इसके बाद भी ऐसा देखने को मिला है।

गौरतलब है कि वर्ल्ड कप 2019 के एक मैच में एमएस धौनी के विकेटकीपिंग के दस्तानों पर पैराट्रूपर आर्मा का बलिदान वाला बैज देखा गया था। इसके बाद पाकिस्तान टीम समेत कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे। इसके बाद धौनी ने उन दस्तानों को नहीं पहना था। इसके अलावा धौनी ने रांची के जेएससीए स्टेडियम में इंडियन आर्मी की टॉपी पहनकर मुकाबला खेला था। हालांकि, सभी भारतीय खिलाड़ियों को उस मैच में आर्मी कैप पहनने की अनुमति मिली थी। (उस मैच की तस्वीर को ऊपर देख सकते हैं

वहीं, अगर हाल ही की बात करें तो एमएस धौनी 14 अगस्त को चेन्नई के लिए रवाना हुए थे, जहां आइपीएल 2020 की तैयारियों के लिए टीम का ट्रेनिंग कैंप शुरू होना था। 14 अगस्त को चैन्नई जाते समय धौनी को रांची के एयरपोर्ट पर आर्मी ड्रेस वाले मास्क के साथ स्पॉट किया था। यहां तक कि तमाम मौकों पर धौनी आर्मी ट्राउजर, टीशर्ट, कैप या फिर बैग के साथ नजर आ जाते हैं।

ऐसे में संन्यास के लिए 15 अगस्त से खास मौका महेंद्र सिंह धौनी के लिए नहीं हो सकता था। हालांकि, एमएस धौनी या फिर बीसीसीआइ ने इस पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि धौनी का देश के प्रति प्रेम यही दर्शाता है कि उन्होंने इसी वजह से 15 अगस्त को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा है।

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