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महाकालेश्वर की शाही सवारी में बाल-बाल बचे सिंधिया, समर्थकों की धक्का-मुक्की से रेलिंग टूटी

मध्यप्रदेश की धार्मिक उज्जैन में सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी बड़ी धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उज्जैन पहुंचे थे लेकिन एक हादसे में वे घायल होने से बाल-बाल बच गए। दरअसल जैसे ही सिंधिया रामघाट पहुंचे, इस दौरान उनके समर्थकों के बीच गुलदस्ता भेंट करने को लेकर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस धक्का-मुक्की में घाट के पास सीमेंट की रेलिंग गिर गई और सिंधिया भी गिरते- गिरते बचे। हालांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं लगी।

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हर साल महाकाल की शाही सवारी में शामिल होते हैं क्योंकि महाकाल मंदिर से सिंधिया परिवार का काफी पुराना संबंध है। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार इंदौर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने कोरोना से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया।

सिंधिया के वफादार समर्थकों में गिने जाने वाले राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी 49 वर्षीय राज्यसभा सांसद के स्वागत के लिए हवाई अड्डे पहुंचे थे, जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के बाद सिलावट को तीन दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी दी गयी है। शुक्ला ने कह कि कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने वाले आम मरीजों को डॉक्टरों द्वारा सलाह दी जाती है कि वे सात दिन तक अपने घर में अलग रहें। लेकिन अपने राजनीतिक आका सिंधिया के स्वागत के लिये सिलावट ने इस सलाह का पालन करने की जहमत नहीं उठाई।

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