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किशोरी को शराब से नहलाया, पुलिस बाेली-जरा मुंह खोलकर दिखाओ, देखें तो कितनी खूबसूरत हो

कानपुर। घटना करीब ढाई माह पुरानी हो चुकी है लेकिन, न्याय की तलाश में भटकते शुक्रवार को एसपी पश्चिम की चौखट पर पहुंची उस अनाथ किशोरी को मिले जख्म अबतक ताजा हैं। काकादेव थाना क्षेत्र के आंबेडकरनगर में गली के गुंडों ने दुष्कर्म की नीयत से घर में घुसकर किशोरी को दबोच लिय, उसके कपड़े फाड़ दिए और शराब से नहला दिया था। गनीमत रही कि मोहल्ले के कुछ लोग पहुंच गए और उसकी अस्मत बच गई। शिकायत लेकर वह थाने पहुंची तो वहां भी बेअदबी और अपमान का घूंट पीना पड़ा। उससे कहा गया कि तुम इतनी खूबसूरत तो नहीं कि कोई तुमको छेड़े।

नाना-नानी के साथ रहती है किशोरी

माता-पिता का देहांत होने के बाद से 16 वर्षीय पीडि़त किशोरी काकादेव में नाना-नानी के साथ रह रही है। पीडि़ता के मुताबिक क्षेत्र के कुछ गुंडों ने 15 जून को उसे घर में दबोच लिया, कपड़े फाड़ डाले और दुष्कर्म की कोशिश की और शराब से नहला दिया। इस बीच मोहल्ले के लोग आ गए तो इज्जत बच गई। किशोरी के मुताबिक इन गुंडों की वजह से उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पुलिस अधिकारी ने कहा- तुम इतनी खूबसूरत तो नहीं है कि कोई तुमसे छेड़छाड़ करे, तुम्हें अपनी जीप में बिठाकर शहर में घुमाएंगे, देखते हैं कि कौन छेड़ता है। उसकी शिकायत पर एनसीआर दर्ज करके इतिश्री कर दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

घर से बाहर निकलना हुआ दूभर

पीडि़ता के मुताबिक आरोपितों का हौसला और बढ़ गया। उसका घर से बाहर निकलना दूभर हो गया। कुछ दिनो पहले वह एसएसपी से मिली तो उन्होंने फिर थाने जाने को कहा। इस बार फिर उसे थाने में अपमान का घूंट पीना पड़ा। कोरोना के चलते वह दुपट्टे से मुंह ढकी हुई थी। आरोप है कि थानेदार ने उससे कहा कि जरा मुंह खोलकर दिखाओ, देखें तो कितनी खूबसूरत हो कि लोग तुम्हारे साथ दुष्कर्म की कोशिश कर रहे हैं। न्याय न मिलने पर किशोरी शुक्रवार को एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार के सामने पेश हुई और आपबीती सुनाई। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। किशोरी की शिकायतों की जांच पिंक चौकी प्रभारी को दे दी गई है।

पहली बार नहीं पुलिस के बिगड़े बोल

संजीत हत्यकांड में निलंबित किए गए इंस्पेक्टर रणजीत राय जब चकेरी में इंस्पेक्टर थे, तब एक युवती गायब हो गई थी। जब उसकी बहन ने इंस्पेक्टर से गुहार लगाई तो उनका जवाब था कि पुलिस को फुर्सत कहां है। खुद पुलिस में भर्ती हो जाओ और अपनी बहन की तलाश कर लो। मामला एडीजी तक पहुंचा, मगर रणजीत का कुछ न बिगड़ा। एक मामला नजीराबाद का है, जहां छेड़छाड़ की पीडि़ता को दारोगा ने कहा कि बड़ी-बड़ी झुमकी पहनकर निकलोगी तो छेड़छाड़ ही होगी। इस प्रकरण में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

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