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Amul दो सालों में डेयरी, खाद्य तेल, बेकरी और आलू प्रसंस्करण संयत्र लगाने के लिए करेगी 1,500 करोड़ का निवेश

नई दिल्ली। अमूल ब्रांड नाम से अपने उत्पाद बेचने वाली गुजराती सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ लिमिटेड (GCMMF) आने वाले दो सालों में 1,500 करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी इस 1,500 करोड़ में से 1,000 करोड़ रुपये दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र लगाने और 500 करोड़ रुपये नए उत्पादों के लिए खर्च करेगी। जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आर एस सोढ़ी ने बताया कि कंपनी को मौजूदा वित्त वर्ष में 12 से 15 फीसद राजस्व वृद्धि की उम्मीद है।

जीसीएमएमएफ की आमदनी वित्त वर्ष 2019-20 में 38,550 करोड़ रुपये रही थी। सोढ़ी ने कहा कि ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की मांग में बढ़ोत्तरी के कारण उन्हें कोरोना वायरस महामारी के बावजूद अच्छी आमदनी की उम्मीद है। सोढ़ी ने बताया कि वे अमूल की प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाकर 420 लाख लीटर प्रतिदिन करेंगे। अभी यह 380 लाख लीटर प्रतिदिन है।

जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक ने बताया कि कंपनी मिठाई, खाद्य तेल और आलू प्रसंस्करण खंड में भी उतर गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने मिठाई के लिए बेकरी से जुड़े उत्पादों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सोढ़ी ने बताया कि कंपनी खाद्य तेल का व्यापार नए ब्रांड ‘जन्मय’ नाम से करेगी।

इस ब्रांड के तहत सरसों तेल, सोयाबीन तेल, मूंगफली तेल, बिनौला तेल और सूरजमुखी के तेल का उत्पादन किया जाएगा। सोढ़ी ने बताया कि कंपनी के पास बेकरी, आलू प्रसंस्करण और खाद्य तेल के लिए कुछ संयंत्र हैं और दो सालों में नए संयंत्रों की स्थापना पर निवेश किया जाएगा।

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