Cover

व्यापार में अलग-थलग पड़े चीन की भारत पर बढ़ रही है निर्भरता, चार माह में चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 30.70% की वृद्धि

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन भारत से दो-दो हाथ करने पर आमदा दिख रहा है। लेकिन व्यापारिक दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके चीन की निर्भरता भारत पर बढ़ती जा रही है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 के अप्रैल-जुलाई में भारत के कुल निर्यात में 30 फीसद की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन चीन होने वाले निर्यात में इस अवधि में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 30.70 फीसद की बढ़ोतरी रही है। वहीं इस साल अप्रैल-जुलाई में चीन से होने वाले आयात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 29.20 फीसद की गिरावट रही।

इस साल अप्रैल को छोड़कर बाकी के तीन महीने में चीन होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अप्रैल में वैश्विक लॉकडाउन की वजह से चीन होने वाले निर्यात में 20.72 फीसद की गिरावट रही। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मई में चीन होने वाले निर्यात में पिछले साल मई के मुकाबले 48.39 फीसद का इजाफा रहा। जून में चीन होने वाले निर्यात में 77.74 फीसद तो जुलाई में 23.70 फीसद की बढ़ोतरी रही। अगस्त के निर्यात का आंकड़ा अगले सप्ताह 14 या 15 सितंबर को जारी होगा। अगस्त में भी चीन होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

निर्यातकों के मुताबिक कोरोना संक्रमण के बाद अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया जैसे देशों ने चीन से दूरी बनाना शुरू कर दिया। वैश्विक कारोबार में 10 फीसद से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाले चीन को कच्चे माल की सख्त जरूरत है और भारत ही इसकी पूर्ति कर सकता है। यही वजह है कि पिछले तीन महीनों से चीन भारत से काफी अधिक मात्रा में कच्चे माल का आयात कर रहा है। इनमें स्टील कॉयल, कॉटन, केमिकल्स जैसे कच्चे माल शामिल हैं। निर्यातकों के मुताबिक अब कच्चे माल की जगह चीन को तैयार माल (फिनिश्ड गुड्स) भेजना भारत का लक्ष्य है

चीन से आयात कम करने में सफलता की ओर है भारत

विदेश व्यापार विशेषज्ञों ने बताया कि चीन से आयात कम करने में सरकार के प्रयास का असर दिखने लगा है। उन्होंने बताया कि भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स माल मंगाने में चीन से दूरी बनाने लगे हैं। कई आइटम के आयात पर रोक या शुल्क बढ़ने से भी फर्क पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक वाणिज्य मंत्रालय ने चीन से आने वाले 1200 ऐसे आइटम की सूची तैयार कर रखी है जिनके आयात पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस साल मई में चीन से होने वाले आयात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22.8 फीसद, जून में 43.75 फीसद तो जुलाई में 9.77 फीसद की गिरावट रही।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

आप भी जानें, Congress के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने क्यों कहा- ‘झूठ की खेती’ करती है भाजपा     |     आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे का दो दिवसीय लखनऊ दौरा आज से, सीतापुर भी जाएंगे     |     यमुना एक्सप्रेस वे पर पलटी पश्चिम बंगाल के यात्रियों से भरी बस, 20 घायल     |     युवती ने घर फोन कर कहा बेहोश हो रही हूं, पुलिस ने चेक किया तो मैसेंजर पर प्रेमी से बात करती मिली     |     लखनऊ में न‍िकाह के तीसरे दिन घर में हाइवोल्‍टेज ड्रामा, गुस्‍साए युवक ने गोमती में लगाई छलांग     |     उत्‍तराखंड में कोरोना की वापसी, बुधवार को आए कोरोना के 110 नए मामले     |     राज्य के शिक्षक संघों को सरकार से आस, शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात     |     बीएमपी-दो टैंक से घुप्प अंधेरे में भी नहीं बचेंगे दुश्मन, ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित की नाइट साइट     |     रुतबा जमाने के लिए स्‍टोन क्रशर के मालिक ने गांव में की फायरिंग, दहशत में ग्रामीण     |     युवाओं को नागवार गुजरी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की ‘संस्कारी नसीहत’     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें-8418855555