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शिवराज का किसानों के साथ ये कैसा मजाक, फसल बीमा के नाम पर खाते में दिए 4, 5 और 10 रुपए

खंडवा: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक क्लिक पर राज्य के सभी किसानों को पिछले साल का बीमा तो दे दिया लेकिन ये बीमा भी किसानों के जले पर नमक छिड़कने जैसा साबित हुआ। क्योंकि अकेले खंडवा जिले में ही करीब 30 हजार किसानों के खाते में बीमा राशी तो डाली गई । लेकिन जिले में कई ऐसे किसान हैं जिन्हें 4 रुपए 7 रुपए और 10 रुपए तक की बीमा राशि मिली है। इससे लंबे समय से बीमे की आस लगाए बैठे किसान की उम्मीद भई टूट गई।

किसान सोच रहा था कि उसे इतनी राशी तो मिल ही जाएगी कि उसका कुछ बोझ कम हो सके। लेकिन किसानों के खाते में नाममात्र राशि आई। ऐसे में सरकार द्वारा किसानों के खाते में बीमा राशी डालने के बाद किसान संघ ने बीमा सर्वे पर ही सवाल खड़े किए हैं। और बीमा कंपनी को ईस्ट इंडिया कंपनी बता डाला।

दरअसल, उपचुनाव से पहले सीएम शिवराज ने उज्जैन में मंच से किसानों को रिझाने के लिए उन्हें पिछले साल की बीमा राशी उनके खाते में डाल दी प्रदेश भर के करीब 22 लाख किसानों के खाते में ये राशी डाली गई। जिसमें अकेले खंडवा जिले के 31 हजार किसान शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस बीच खंडवा, धार और सागर के किसानों से सीधा संवाद भी किया। इस बीच खंडवा के एक किसान ने बताया कि उसे करीब डेढ़ लाख रुपए फसल बीमा राशि मिली है।

ये सुनकर सीएम शिवराज गदगद हो गए और किसान को आश्वासन दे डाला कि भविष्य में कोई भी चिंता मत करना। लेकिन अच्छा होता कि सीएम शिवराज उन किसानों से भी बात करते जिनके खातों में 100 रुपए भी नहीं आए। सरकार के इस मजाक के बाद भारतीय किसान संघ ने बीमा राशि के सर्वे और वितरण पर सवाल उठाते हुए बीमा कंपनी पर ही सवाल खड़े कर दिए।

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